आज फिर उसका msg आया है
gm भेजके उन्होंने हमारा दिन अच्छा बनाया है
पता नहीं ये क्या हो रहा है जो मेरी समझ से बाहर है
क्या ये मेरी दुआओँ का कमाल है? क्या उसे भी मुझसे प्यार है?
क्या उसके दिल मे भी कुछ है मेरे लिये इस उलझन मे हु मे
या फिर उसकी ये सिर्फ आवारगी तो नहीं इस सोचमे पड़ी हु मे
पर छोडो ना क्या फर्क पड़ता है दिल तो ऐसे भी टूटना ही है ओर वैसे भी टूटना है
फिर क्यूँ ना आजकी ख़ुशी मनाये
बेवजह क्यूँ दिमाग़ कूटना है