मूर्ख खुद को समझना, दूसरे को समझना, मूर्ख दूसरे को कहना, खुद को कहना, यह मानव के अपने हाथ में नहीं है, इसका निश्चिय तो सामने वाला व्यक्ति ही कर सकता है कि कितनी मूर्खता का परिचय कौन इंसान देता है,खामोश रहकर कोई कुछ ना कहे बेशक... लेकिन पता सभी इंसान का इंसानों को रहता है.... इसलिए कौन मूर्ख है कौन नहीं यह इंसान इंसान से कहता है.... ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़
#मूर्ख