"मधुर वचन है औषधि, #कटु वचन है तीर|
श्रवण द्वार हौ संचरे, साले सकल सरीर||"
अर्थात मधुर वचन औषधि के सामान हैं, जो रोग का निवारण करते हैं. #कटु वचन तीर की भांति ह्रदय को आघात पहुंचाते हैं. हमारे द्वारा बोले गए शब्द कान रूपी द्वार से शरीर रूपी घर में प्रवेश करके सारे शरीर को प्रभावित करते हैं.
#कटु वाणी के प्रयोग का परिणाम बहुत भयंकर हो सकता है. जहाँ वाणी में माधुर्य होता है, वहीँ ज्ञान और विवेक भी होता है. वाणी में मधुरता, प्रियता और सत्यता के समन्वय से जीवन में आनंद मिलता है. हमें सदैव ऐसी वाणी और शब्दों से बचना चाहिए जो औरों को ठेस पहुंचाएं |
#कटु