निकल अउ यादो से तेरे।
याद न आये तेरी ,
इस लिए साथ चला तेरे ।
पर मालूम न था।
कि
करीब न तू ,कभी मेरे ।
रास्ता बदल लिया था तुमने, कब का।
पर यूँही,
पदों पर ,चली तुम मेरे।
समये बिताना था।
तुमको बस
और यादों में, मैं रह गया तेरे।
क्या करूँ
भूल जाऊ , हर एक पल
छूट जाए ,हर एक लम्हा तेरा
कल ही कल
और निकल अउ यादो से तेरे।
बस
निकल अउ यादो से तेरे।
-सत्यम पाल