ना में किसी के पक्ष में हूँ नही तो विरोध में...
कुछ बाते है जो मेरे दिल की है...
कुछ दिखाए जाने वाले सत्य:
सरकार में निजीकरण हो रहा है
सरकार ऐसे आरक्षण खत्म करना चाहती है
कुछ न दिखाए जाने वाले सत्य:
सरकार और विपक्ष में 50% लोग आरक्षण से बैठे है जो आरक्षण का प्रतिनिधित्व करते है,
सरकारी तंत्र जो ऐसी योजनाओ को लागू करता है उसमें भी 50% लोग आरक्षण का लाभ पा कर ही बैठे है
समझने वाली बात ये है कि अगर आपका आरक्षण निजीकरण से खत्म किया जाता है तो उस निर्णय को लागू करने में आरक्षण से आगे आये आपके नेता और अधिकारियों की की 100% हामी है...
अगर उन्होंने इस बात का विरोध किया होता तो सरकारी तंत्र में निजीकरण शुरू ही नही होता...