इंसान का जन्म बड़े सौभाग्य से मिलता है। रामायण में तुलसीदास जी ने कहा है
बड़े भाग्य मानुष तन पावा।
सुर दुर्लभ सब ग्रन्थन गावा।।
ये जन्म अच्छे कर्म करने और अपना लोक परलोक संवारने का अबसर है 84 लाख योनियों में से आपको मनुष्य बनकर आने का लाभ यूँ ही व्यर्थ न चला जाय।
सत्कर्म करें, दान करें, मान करें, सम्मान करें, सेवा करें, कर्मठ बनें, सदाचारी बनने का प्रयत्न करें, जितना हो सके सुनिश्चित करें कि आपके कारण किसी की आँखों में आँसु न आवे।
मगर ऐसा कर सके तो मोक्ष आपका इंतजार करेगा, आपकी जय जयकार सभी लोको में होगी।