मैं कोई बहुत बड़ा लेखक या कवि नही हूँ और न ही मेरे पास ज्ञान का स्वर्ग है,,। वो तो उसकी तोड़ी से यादों की भीख है जिसके वजह से एक-दो शब्दों की पूंजी बचा रखी है,,। जब कभी मस्तिष्क काम नही करता वक़्त साथ नही देता तो लिखना छोड़ कुछ पढ़ने लग जाता हूँ और आप सब के साथ साझा करता हूँ,।