#घोसाला
पंछी बनकर उड़ना तो सब चाहते हैं
ठहरने का घोसला कौन बनाना चाहता है
अकेले तो उड़कर आसमां नाप सकते हैं
गिरते को सहारा देकर कौन उड़ाना चाहता है
ठहरने का घोसला कौन बनाना चाहता है
सतरंज के खेल में घर तोड़ना ही मकसद है
जिंदगी के खेल में घर जोड़ना ही खिदमत है
इस खिदमत में दांव कौन लगाना चाहता है
ठहरने का घोसला कौन बनाना चाहता है
कोयल के वेष में अब काग भगाओ हर मन से
हे ईश्वर उज्वल ज्योति जलाओ, अब द्वेष मिटाओ हर तन से
पंछी जीवन मानव जीवन
आभार कौन जताना चाहता है
पंछी बनकर उड़ना तो सब चाहते हैं
ठहरने का घोसला कौन बनाना चाहता है
।। ज्योति प्रकाश राय ।।