वो जो मुझे जिताने के लिए
मुस्करा के हारता रहा,
#नादान नहीं, मुझ पर
अपनी जीत हारने वाला था।।
वो जो मुझे हँसाने के लिए
अपने आँसू छुपाता रहा
#नादान नहीं, मेरे लिए
अपने आँसू, अपने दुख,
भूल जाने वाला था।।
वो जो मेरे साथ के लिए,
स्वयं को छोड़ता चला गया,
#नादान नहीं, मुझ पर,
अपना जीवन लुटाने वाला था।।
वो जो मेरी सम्पूर्णता के लिए,
धरा पर उतर आया,
#नादान नहीं, सृष्टि को
संजीवनी देने वाला था।।
#नादान = #बेवकूफ
(यद्यपि पूर्णतया समानार्थी नहीं है)