#विश्वास
उस नील गगन के पंछी को,
कब ऊंचाईयों ने रोका है,
और वक़्त बदलने वालों का,
सुख- दुख केवल इक मौका है I
उस आकाश में उड़ते पक्षी ने,
हर मौसम नया घर बनाया है,
कब वक्त ने उसको रोका है,
कब साहस ने हाथ छुड़ाया है।
गर विश्वास रहे बस अपने पर,
हालात भी साथ निभाते हैं,
पत्थर को मानो निर्जीव भले,
ढूंढने वाले को,
उसमें भी प्रभु मिल जाते हैं। 🙏