हम खुद को कभी नहीं देखते और दूसरों को उपदेश देते रहते हैं, इसका कारण हैं कि हम खुद की श्रेष्ठता दूसरों पर थोपकर अपने अहं को संतुष्ट करना चाहते हैं।।
ये अलग बात है कि दूसरों को उपदेश देने में किसी का कुछ नहीं घिसता, बस जरा सी जींभ हिलानी पड़ती है, परन्तु इसे अपने खुद के आचरण मे ढ़ालना कठिन हैं।।
#खुद