न पुण्य से महिमामंडित हूं
न पाप से रक्तरंजित हूं
मात्र मै हूं
इस राग-वैराग्य के मध्य स्थित
न कृष्ण की तरह सारथी हूं
न अर्जुन की तरह महारथी हूँ
मात्र मै हूँ
इस ज्ञेय-अज्ञेय के मध्य स्थित
न मोक्ष का सोपान हूँ
न माया का प्रतिमान हूँ
मात्र मै हूं
इस द्वैत-अद्वैत के मध्य स्थित...