दोस्तों हमारी जिन्दगी एक पतंग ही तो है । क्योंकि पतंग और जिंदगी दोनों ही ऊँचाई पर देखने पर समाज और लोगो को अच्छी लगती है।
और उसी तरह नीचे गिरी पतंग और जिंदगी किसी को भी अच्छी नही लगती है
और जिस तरह पतंग की डोर की और के हाथ मे होती उसी तरह हमारी जिंदगी की भी डोर भी की किसी ना किसी के हाथ मे होती है
जिस तरह पतंग की उड़ान हवा की दिशा के अनुसार बदल जाती है उसी तरह वर्तमान समय मे लोग भी धन और मोह माया के लिए अपनी दिशा बदल लेते है ।
यहाँ मेरे निजी विचार है इस पोस्ट को लिखने का मेरा उद्देश्य की भावना को को प्रभावित करने का नही है ।
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