चिलचिलाती धूप हो,
या बहा ले जाने को आतुर तूफान,
झर झर बरसता सावन हो
या बरसात की आस में
मन में दरारें पड़ गयी हों।
सुख का हिंडोला हो,
या दुख की मार।
मन ख़ुशी से झूम रहा हो
या भीड़ में घूम रहा हो
#केवल तुम ऐसे हो,
जो कभी साथ नहीं छोड़ते #कृष्ण
तुम अद्भुत हो कृष्ण, #केवल तुम