मेरी प्रेम कथा केवल मै जानू,
ना वो समझे ना मै मानू,
वो मुकद्दर में नहीं ये मै जानू,
पर अपने दिल में उसे अपना मानू।
मेरी प्रेम ......
उसके हर झूठ को सच,
और प्यार में फ़र्क,
मेरे दिल समझे सब,
मै भी पहचानूंl,
मेरी प्रेम......
वो नहीं है मेरे पास,
दिल के लिए है खाश,
उस ये अरदास ना कर पाऊं।
मेरे प्रेम..
#केवल