शिकार और शिकारी ...
उसे पता था
कि उसका शिकार
कहीं पास ही है
उसने सूंघ ली थी उसकी गंध
इसलिए वो दबे पैर
बढ़ने लगा आगे
दबोचने के लिए अपना शिकार
पर किसे पता कि -
जीवन मरण की दो लकीरों
के बीच सहमें हुए शिकार को
किस ओर ले जाएगा समय
और कौन जानता है कि -
खाली पेट ही सो जायेगा शिकारी
भरे ढेर सारी चिंता अगले दिन की
या कि
सदा के लिए सो जाएगा शिकार
मुक्त होकर सारे भय से
:- भुवन पांडे
#शिकार