आवेग में ईर्ष्या-द्वेष के
दुर्बुद्धि प्रभावी होती है,
अपनी हो या औरों की
विनाश अवश्यम्भावी होती है,
महाभारत का युद्ध भी तो
द्वेष का ही परिणाम रहा,
लोभ-क्रोध-ईर्ष्या-कायरता
की वजह से देश गुलाम रहा,
इन्हीं दुर्गुणों के कारण
भाई-भाई का दुश्मन है,
दूर करो इन कटु भावों को
ये आहत करते तन-मन हैं,
खुशियां-सुख सब वहीं विराजें
जहँ स्नेह-प्रेम का बंधन है।
#द्वेष