भाग - २
सोचता था खुद को आजाद करने को
तोड़कर उससे संबंधित हर चीज को
चाहे उसकी याद हो या चाहे प्रीत हो
फिर गर्त में जा धसी जो तीर जैसी
उसकी बला सी आंखें भर भर...
देखकर उसकी तस्वीर में
मै भी ना जला सका उस याद को
छोड़ दूंगा, हां! छोड़ दूंगा
छोड़ कर सारी बाते उसी की
फिर सोचता हूं कैसे सम्बन्धित
सारे नाते - रिश्ते तोड़ दूंगा
#सम्बन्धित
#षणानन