#मूल्य
मूल्य जाना था आजादी का,
देशहित सौदे में दे दिए थे प्राण ll
इतनी सस्ती कहाँ थी आजादी,
अमूल्य धरा भारतवर्ष महान ll
अब वो मूल्य कहीं खो गया,
वीर उधम भगत लौट आओ l
भरो हुंकार नव युवा पीढ़ी में,
जगा जाओ देशहित जीने का शुमार ll
स्वतंत्रता का मूल्य बताना होगा,
सुप्त हो रहा युवा जगाना होगा ll
हे वीर भगत उधम लाहिड़ी अशफाक
फिर से लौटकर आना होगा ll
©भार्गव हिन्दी जुड़वाँ