#વસંત
महफिलें मत लगाओ,
भिड मे मत जाओ,
कुछ दिन अकेले मे हीं रह लो
चंद दिनो की कष्ट है अपने लिए हीं,सह लो
यह पतझड जल्द जाएगा
नव #वसंत फिर आएगा
यह बुरा वक्त यूं हीं टल जाएगा
यह खामोशी,खुशी मे बदल जाएगा
फिर से ईस चमन मे बहार आएगा
मिल कर लडोगे, घरो मे रहोगे
तो 'करोना ' हार जाएगा ||