ऐ जिंदगी तु भी बड़ी अजीब है
कभी रुलाती है तो कभी हंसाती है।
कभी मायुस करती है तो कभी मगरुर
कभी थम जाती है तो कभी दौड़ने लगती है
ऐ जिंदगी तु भी बड़ी अजीब है
जब सब छोड़ देना का सोचते हैं
तो तु सब बिखेर देती है और
जब सब बिखरा समेट लेते हैं
तो तु सिकायते करती है
ऐ जिंदगी तु भी बड़ी अजीब है
जब तुट जाती हुं मैं तो होंसला भी तो तु ही देती है
ऐ जिंदगी तु कितनी अजीब है
फिर भी ऐ जिंदगी तु लाजवाब है
बिंदु अनुराग