एक तेरे सिवा
किसकी ज़ुल्फो से खेलु मैं,
किसकी निगाहों में देखु मैं,
एक तेरे सिवा।।।
किसकी यादो में खोऊ मैं,
किसकी बगियन में महकू मैं,
एक तेरे सिवा।।।
किससे अपने हाल बाँटू मैं,
किसके अब लम्हे छाँटू मैं,
एक तेरे सिवा।।।
किसकी मुस्कुराहट पे मरु मैं,
किसकी अब आहट सुनु मैं,
एक तेरे सिवा।।।
किसको अब तसव्वुर कहु मैं,
किसकी झलक की तड़पन सहू मैं,
एक तेरे सिवा।।।
किसकी छबि रुह में भरू मैं,
किसके आगे अब रूह धरु मैं,
एक तेरे सिवा।।।
किसकी बांहो का हार बनु मैं,
किसके इश्क़ में अब तनु मैं,
एक तेरे सिवा।।।
किस से अब इश्क़ करु मैं,
किस राही की मंज़िल हु मैं,
एक तेरे सिवा।।।
Dilwali Kudi