छंदमुक्त कविता ...
विषय .बेटी ..
बेटे तेरी याद बहुत आती है ,ये आँखें तुझे देखने तरसती है ।
तू तो मेरे आंगन को बहुत महकाती है ,अपनी पायल से शोर मचाती थी ।।
आज तू परायी हो गयी ,तेरी याद दिल को तडपाती है ।
किसी ने सच कहा है ,बिटिया तो पराई होती है ।।
पर तू दूर जा कर भी बहुत रुलाती है ,बेटी तू सदा खुश रहना ।
दो कुलों की मर्यादा की रक्षा करना ,कभी इस पिता को याद कर लेना ।।
तेरी राह में आँखें बिछाये बैठा है ,कब मेरी लाडली आयेगी ।
तुझे हर जगह ढूँढता हूँ ,तू नही मिलती दो आंसू बहा लेता हूँ ।।
तू कही भी रहे ,पर तू दिल से दूर नही है ।
दिल कहता है ,तू पराई क्यूँ हो गयी ।।
कभी कभी तेरी याद में ,तेरी तस्वीर देख लेता हूँ ।
मेरी बुलबुल उड गयी है ,दिल को तसल्ली दे देता हूँ ।।
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