फुरसत के पल यू किफायत ले आए ज़िन्दगी में, सोचता हूं!
पैसा इतना भी जरूरी नहीं जितना हम दौड़ रहे थे कमाने को ज़िन्दगी में!
फुरसत के पल यू ठहराव लाए है ज़िन्दगी में, सोचता हूं!
इतना भी जरूरी नहीं था जितना हम दौड़ रहे थे ज़िन्दगी में!
फुरसत के पल यू चैन लाए है ज़िन्दगी मे, सोचता हूं!
खामखा बेचैनी का बोझ उठाए जा रहे थे हम ज़िन्दगी में!
पता नहीं कब मिलेंगे ऐसे हसीन फुरसत के लम्हे, सोचता हूं!
क्यू ना अपने लिए अपनों के साथ भी जिया जाए इस ज़िन्दगी में!
#hjstory