#दूरी
आज दूरी बहुत है तेरे मेरे बीच
एक दिन वो भी था ,
जब नजदीकियां बहुत थीं तेरे मेरे बीच
तब करीब रह कर भी दूर थे
आज दूर रहकर भी ,पास हैं
मिट गए है सारे फासले
तेरे मेरे बीच से
तेरी साँसों की गर्मी,
आंखों की नमी
उतर कर आंखों से
समा जाती है रूह में मेरी
ये दूरियां भी कमाल हैं
जिसने मिटा दी तेरे मेरे बीच की दूरी