“ सुंदर स्वप्न बुनने की तक देने वाले इस विश्व में,
वन ओर खेतों की अनोखी शांति में
आत्मा की गूढ़ शक्ति प्रकट करने की तक देनेवाले विश्व में निर्भयता रुप उपर चढ़ता हुआ आत्मा.
किसी दिन सर्वोच्च बिंदु पर रहा उसका लक्ष्य ज़रूर हासिल करेगा। “
-राजनमुकुंदराय