आप अपना परिवार तो चुन नहीं सकते हैं पर दोस्त जरूर चुनें वो भी जल्दबाजी में नहीं .जब चुनें तो निभाएं भी . आप जैसे भी हों आपके दोस्त को स्वीकार होना चाहिए .अगर बुरे दिनों में दोस्त साथ न दे तो अच्छे दिनों के साथ का वह हक़दार नहीं . दोस्त वही जो भूल जाए दोस्ती में क्या दिया और हमेशा याद रखे क्या लिया .
#साथी