#साथी अपने आप में एक सम्पूर्ण शब्द होता है साथी। जिस तरह बून्द बून्द करके सागर बनता है, उसी तरह हाथ-हाथ करके इमारत बनती है जिसे हम घर कहते है। ठीक उसी तरह खेती होती है, और उसी तरह कपड़ा हम तक पहुंचता है यहां तक कि एक नव जीवन को जन्म लेने के लिए भी एक साथी की ज़रूरत पड़ती है और उसका वो साथी होती है माँ और फिर चिकित्सक और उस जीवन को सुखमय बनाते है दोस्त जिंदगी जीना सिखाते हैं दोस्त इसलिये मेरी नज़र में दोस्तों से बड़ा और उन से अच्छा कोई साथी नही होता। जीवन साथी भी नहीं...🙂