मैं रूठा तो,तुम भी रूठ गए
फिर मनाएगा कौन...
आज दरार है,कल खाई हो जाएगी
फिर भरेंगा कौन...
में चुप, तुम भी चुप
फिर चूपी को तोड़ेंगे कौन..
ना में राज़ी ,ना तुम राज़ी
तो फिर माफ करेगा कौन..
ज़िन्दगी नहीं मिलती हमेशा के लिए
कल को कोई एक ना रहा ,
तो फिर पछताएगा कौन...