सच्चा प्रेम अश्को की अग्नि में तप के ही तो निखरता है,
विरह के आने से ही तो वो ओर भी गहरा बन पसरता है,
जिसे मिले सच्चा इश्क़ उसके लिए वरदान बन उभरता है,
संसार मे प्रेम को मिली प्रारंभ से अनंत तक की निरंतरता है।
ज़िन्दगी में पाना सच्चा प्रेम हर एक प्राणी की तत्परता है,
एक प्रेम ही तो है जीवन मे जो अनचाहे सबका मनोहरता है,
सच्ची महोब्बत की भावना में ही तो बसती अनश्वरता है,
संसार मे प्रेम को मिली प्रारंभ से अनंत तक की निरंतरता है।
महोब्बत की राहों में भी तो कभी कभी आती विस्वरता है,
यह इश्क़ ही तो जीवन मे सबकी भावनाओं का ध्वजाधरता है,
प्रेम में ही तो मिलती दो दिलो की बातों को समांतरता है,
संसार मे प्रेम को मिली प्रारंभ से अनंत तक की निरंतरता है।
इन्सान का आजाद मन ही तो प्रेम में पंखी बन फहरता है,
प्रेम का भाव ही तो जगत में देता सबसे बड़ी सुंदरता है,
प्रेम की लगन में ही तो मिलती हर इंसान को अमरता है,
संसार मे प्रेम को मिली प्रारंभ से अनंत तक की निरंतरता है।
- Dilwali Kudi