एक बेनाम सा रिश्ता....♥️♥️
एक बेनाम सा रिश्ता,जिसमें
ना ही कभी कुछ हासिल हुआ ,
ना ही कभी उससे जुदा हो पाए..
वोह रिश्ता...जिनमे
ना ही कुछ खोया, ना ही कुछ मिल पाया
एक बेनाम सा रिश्ता...
फिर भी क्यूं ,दिल के इतने करीब रहा,
रूह को छूने वाला...वोह
एक बेनाम सा रिश्ता...
उम्र तो गुजर चुकी थी, इश्क की, अब
फिर भी मोहब्बत से भरा ये, रिश्ता..
एक बेनाम सा रिश्ता...
ज़रुरी तो नहीं था जिंदगी के लिए, वो रिश्ता,
फिर भी, न जाने क्यूं धड़कनों के लिए
बेहद ज़रुरी था वो रिश्ता...
एक बेनाम सा वो रिश्ता...
दोनों ही तो उलझन में है,
आखिर क्यूं है...!!! ये रिश्ता...
हमारा तो नहीं है शायद ,लेकिन
दो दिलों का...💔है, ये रिश्ता..
एक बेनाम सा रिश्ता...
Naresh Gajjar