"घाव"
कुछ घाव राह में मिले कुछ घाव अपनों ने दिए
कुछ घाव भर गए कुछ अभी बाकी है
कुछ घाव बेवजह ही मिले कुछ की थी वजह
कुछ घाव अब मिट रहे हैं ,
पर कोई है जो उससे कुरेदे जा रहे हैं
कुछ ऐसे थे जो बन गए थे नासूर
लेकिन अब कोशिश कर रही हूं कि उन्हें जाऊं भूल
फिर भी नहीं लगता मिटेंगे कुछ घाव
लगता है कुछ रह जाएंगे सिने में दफन।
बिंदु अनुराग