कोई ख्वाब होते तुम तो भुला देती तुम्हे,
कोई राझ होते तुम तो छुपा लेती तुम्हे,
कोई वजह होते तुम , तो मिटा देती तुम्हे,
कोई सजा होते तुम , तो निभा लेती तुम्हे
पर तुम तो वो राग हो जिसे ये धड़कन
भुला नहीं सकती
तुम वो अल्फ़ाज़ हो जिसे कोई
भी स्याही मिटा नहीं सकती।