बिछड़ा यारा
आओ न आओ न
प्यार कुछ खुद से करके
अपनी बाहों में ज़रा सिमट के
याद तुझे पल पल हैं करते
कभी तो आओ ना
आओ ना....... आओ ना ।
यादें संजोए रहते हैं हम
तेरी बातें बिनोया करते हैं
तेरे दिये फूल आज भी
एक कहानी भूली सी कहते हैं
उन लम्हों में जीती हूं मैं
संग तेरे लहरों में बहती हूं
याद तुझे करते करते
एक उम्र सी जी जाती हूं
आओ ना.....आओ ना
कभी तो आओ ना..
पास मेरे आ के,एक आस लाओ ना ।
रिश्तों को जीना सीखा है
दूर तुमसे, तुझी में खोना है
तन्हा-सा अब ये दिल मेरा
कहता है, ये तो है तेरा
कहानी हमारी कोई क्या जाने
सांसों में तुझको सींचा है
तुझमें खोते-खोते
खुद को अब हमने ढूंढा़ है
आओ ना आओ ना
कभी तो आओ ना
पास मेरे आ के, एक आस लाओ ना।
रूह में मेरे बसे हो तुम
तन्हाईओं के सनम
तुम बिन मैं गुम
आओ ना आओ ना
कभी तो आओ ना
पास मेरे आ के, एक आस लाओ ना ।
आओ ना... आओ ना
आओ ना.... आओ ना....।।