भरोसा नही तूने मेरा ग़ुरूर तोड़ दिया,
बेवज़ह ही तूने मेरा सुकून तोड़ दिया ।
नफरत करते तो हम से तो अच्छा लगता ,
तुम ने तो हल्का कर के मेरा भरम तोड़ दिया।
किसीके के साथ तुला किये बिना है फेंक दिया ,
तुम ने हम को कागज की नाव समझकर फाड़ दिया
ख़ामख़ा तूने आज यकीन था तुज पर हद से ज्यादा
अवनि पर आए नए चाँद का तूने" हृदय "तोड़ दिया ।