अमर शहीद
रोज़ जलाते है शहीद के स्वजन, आंसुओ के दीप
आज हम भी उनकी याद में प्रगताए एक श्रद्धा दीप
अमर है वोह हर जवान; हो जाता है जो, वतन के लिए शहीद
उन वीरों को अर्पण कर रही हूं मैं श्रद्धांजलि आज;
और प्यारे बापू को भी, जिन्होंने दिया हमें स्वराज
इस दीपक के साथ, चलो आज बोए एक दो पेड़;
और आए आगे हर कोई माई का लाल, करे छोटा सा दान;
तब सीक्षा प्राप्त कर सकेंगे शहीदों के बचचे नादान ।
जय जवान
जय किसान
जय जय भारत महान ।
Armin Dutia Motashaw