Hindi Quote in Story by Rajesh Maheshwari

Story quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

जाने शाम कहाँ पर हो

म.प्र. के जबलपुर शहर के सुविख्यात पत्रकार श्री भगवतीधर वाजपेयी जी लगभग 40 वर्षों से पत्रकारिता से जुडे हुये हैं एवं दैनिक स्वदेश, वीर अर्जुन और दैनिक युगधर्म जैसे सुप्रसिद्ध समाचार पत्रों का संपादन कर चुके है। लगभग 93 वर्ष की आयु में भी वे एकदम स्वस्थ्य एवं प्रसन्नचित्त रहते है। आज भी वे काफी समय पढने एवं लिखने में बिताते है परंतु बहुत उछलकूद व अपेक्षाएँ करने का सामथ्र्य अब शरीर में नही है। वे कहते है कि जीवन के अंत का प्रारंभ हो चुका है पर कवि नीरज के अनुसार जाने डोला कहाँ रूके, जाने शाम कहाँ पर हो। मुझे अब न जीने की तमन्ना है, न मरने का इरादा है। कारण, मेरी अब ऐसी कोई समस्या नही है जिसे सुलझाने के लिए और अधिक आयु की जरूरत हो, और न ऐसी कोई परेशानी है कि परमात्मा से प्रार्थना करूँ कि मुझे उठा ले। आयु और मृत्यु का दिन उसी दिन निर्धारित हो गया था जिस दिन जन्म हुआ था। ईश्वर का यह विधान बदला नही जा सकता। जहाँ तक मेरा सवाल है तो मैंने -

खट्टे मीठे बेरों की तरह जिंदगी खूब जी ली है,
मुझे किसी से कोई शिकायत नही,
मैं तो आभारी हूँ उनका
जिन्होंने ठोकर लगने पर तुरंत संभाला,
मौत को तो एक दिन आना ही है,
कान अब बहरे हो गए है
अतः मौत की आहट न सुन पाऊँगा
हाँ, वह आएगी तो चला जाऊँगा,
उसके साथ जाने में मुझे खुशी होगी,
क्योकि राम के धाम पहुँच जाऊँगा।

श्री वाजपेयी जी का चिंतन है कि हमें जन्म क्यों मिला है ? क्या हमें जीवन में मस्ती काटते ही अंत में चले जाना है ? जब परमात्मा एक बडा मिशन लेकर अवतार लेते है ओर मिशन पूरा होते ही अपनी लीला समेट लेते है तो हम भी परिस्थिति और सामथ्र्य के अनुसार कोई बडा नही तो कोई छोटा सत्कार्य तो करें। मनुष्य की मृत्यु के बाद उसके अच्छे कर्मों को लोग आदर के साथ याद करते हैं। डा. अब्दुल कलाम ने कहा है कि To die with fame is an achievement एक प्रार्थना की पंक्ति सदैव याद रखने लायक है कि हम यह न सोचे की हमें क्या मिला है, हम बताए कि हमने क्या किया है अर्पण। व्यक्ति से समाज बडा होता है और समाज से देश बडा होता है। सबके अपने अपने कर्तवय है जिनका ईमानदारी से पालन किया जाना चाहिए।

Hindi Story by Rajesh Maheshwari : 111331160
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now