बेटियाँ
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बेटियां तो मां की परछाई होती है
घर वालों के दिल में समाई होती है
बेटी होती है अनमोल खजाना,
भाग्यशाली के घर ही आई होती है,
सब के दिल में यह प्रेम रस घोले
दिल में इसके प्रेम की गहराई होती है
सुख और दुख में जो शामिल होती
जाने फिर भी क्यू बेटियाँ पराई होती है
Uma vaishnav
मौलिक और स्वरचित