आसमां सुर्ख है ज़मीन कुछ नासाज़ है
बादलों के आजकल बिगड़े से मिजाज़ हैं
गर्दिश में तारों का आना जाना जारी है
कल ना रहने दूंगा मैं जो हालात आज हैं
जो मेरा है या मैं जिसे अपना समझता हूं
जिनके साथ रहता हूं जिनको साथ रखता हूं
साथ दूंगा उनका अक़्सर साथ की ही उम्मीद है
जो ना कर पाया कोई वो भी मैं कर सकता हूं
हौसलों के नाश्ते से दिन शुरू करवाऊंगा
दोपहर के खाने में धैर्य परोसवाऊंगा
करूंगा मजबूत तुमको जोश के तंदूर में
ख़ुद चढ़ूंगा सफलता के शिखर पे चढ़वाऊंगा
साथ दोगे तुम जो मेरा रुख़ बदल ही जाएगा
सफ़लता के गीत अपने आसमां भी गाएगा
एक ही है नीयत अपनी एक ही आवाज़ है
कल ना रहने देंगे हम जो हालात आज हैं