लम्हा
प्यार हो जाता है, बिना सोचे, समझे, यूहीं बेवजह;
वो होता ही नहीं प्यार, जिसमें हो कोई वजह ।
पर प्यार जरूर बन जाता है हमारे जीवन की वजह ।
यह अमूल्य पूंजी कैद हो जाती है; हो जाती है मन मंदिर में जमा
आंखो से उतरकर प्यार, दिल में जाता है समा ;
इस सारी प्रक्रिया को लगता है केवल एक ही लम्हा ।
कैसा अनमोल हो जाता है यह एक छोटासा लम्हा !
जीवनभर हमारी स्मृति में समा जाता है यह ही लम्हा ।
Armin Dutia Motashaw