नफ़रत का ज़हर
चारों तरफ नफ़रत का ज़हर देखते, आया मुझे यह याद
गाया था मोहमद रफी ने , जो मांगता है दाद
तु हिंदू बनेगा न मुसलमान बनेगा इंसान की औलाद है इंसान बनेगा ।
मालिक ने तो इंसान को इंसान बनाया, हमने उसे हिन्दू या मुसलमान बनाया....."
सचमे, जरूर यह गाना सुनिए