हम से कौन खुश है ,
क्या पता मेरा रब ही मेरे से खुश है ।
जो मेहर बरसाए , नीले अंबर से
बस वही नीलकंठ हमसे खुश है ।
हम भटको को सीधी राह दिखाएं ,
वह सदाशिव ही हमसे खुश है ।
जो बिगड़ी हमारी बनाए ,
वह देवों के देव महादेव ही हमसे खुश है ।
अपनी कृपा बरसाते रहना ,
हमारी खुशी ही तुमसे है ।।