एक रोज भरी महफ़िल में हमारा मज़हबी ज्ञान पुछा गया ,
वो वहाँ उस शख्स ने खुद को ईसाई , उसने शिख , किसीने हिंदू धर्म सनातन लिखा ,
नमाज़ अदा करते उस शख्स ने खुद को सच्चा मुसलमान लिखा ,
मुझे मजहबी ज्ञान न कोई , मैने नास्तिक बताया खुद को ;
फिर भरी महफ़िल को शर्मसार करते हुये मेरा मज़हब मैंने हिंदुस्तान लिखा ....
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