*"गलतियाँ", "विफलता", "अपमान",*
"निराशा" और "अस्वीकृति",*
*ये सभी "उन्नति" और*
"विकास" का ही एक हिस्सा है।*
*कोई भी व्यक्ति इन सभी पाँचो चीजों का*
*सामना किये बिना "जीवन" में*
*कुछ भी "प्राप्त" नहीं कर सकता।*
🙏🙏 सुप्रभात जय श्री राधा माधव आपका दीन मंगलमय रहे। 🙏🙏