लोग कहते हैं अच्छा लिखती हो
हम उनसे क्या कहे की हम तो खुद ही
हैरान है .इस बात पे..
लिखने से कभी इस्क हो जाता है.
तो कभी मन भर आता है.
कभी खुद से बाते करते हैं.
तो कभी होठ सिल भी जाते है.
दुनिया में ओर भी तो काम है करने को !
हम तो बेकार ही लिख रहे है..फिर ये सोचकर
ओर ज्यादा शब्दो से उलझ जाते है..