My New Poem...!!!
चलो चांद का बेहतरीन
किरदार ही अपना ले
दाग अपने पास रखें
और रौशनी फैला दे
हस्ती-ए-कश्ती सजा ले
मिट्टीसे नूरमें तब्दील कर ले
किसी मजबूरके काम आ जाएँ
किसी मज़लूम की हंसी लौटा दे
किसी यतीम की नैया पार करा दे
किसी भूखे प्यार से खाना खिला दे
अपने लिए तो बहुत जीदगीं जीएँ
कुछ साँसें औरों के नाम करके देखें
प्रभु मिस्कीन-औ-यतीमों में रहता
सुना है चलो प्रभु से मिल कर देखें
अहसास-ए-रुँह अपना कर देखें ।