चिंता (लघुकथा)
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शाम के समय कार्यक्रम समाप्ति के बाद उस युवक से एक महिला ने आगे तक छोड़ देने के लिए कहा तो उसने स्पष्ट मना किया।
"माफ़ कीजिएगा मैं आपको अपनी गाड़ी में नहीं बैठा सकता।"
"लेकिन मैं आपकी गाड़ी को खा तो नहीं जाऊँगी?" महिला ने युवक की खिंचाई की।
"आप समझिए, मैं समाज में उभरता हुआ नेता हूँ, आप एक खूबसूरत महिला। आप तो गाड़ी को नहीं.... लेकिन जनता मेरे भविष्य को ज़रूर......"
पिछले कई दिनों से नेताओं के महिलाओं के साथ आपत्तिजनक वीडियो वायरल हो रहे थे। युवा नेता अपने भविष्य को लेकर सज़ग था वह भूलकर भी कोई भूल नहीं करना चाहता था।
- विजय 'विभोर'
08/08/2019