हे सरल ह्रदया,हे स्नेहमयी
शांत सरोवर बन जाना तुम
ह्रदय में, बन कमल खिल जाना तुम
जीवन की कठिन धूप में
छाव सलोनी बन जाना तुम
कभी सूरजमुखी बन राह दिखाना
और रातरानी बन जीवन महकाना तुम
अपने शील ,सदाचरण से
सबको अपना बना जानातुम
प्रेम मिले, सम्मान मिले
तुमको सबसे गुणगान मिले
कुछ ऐसा चरित्र दिखा जाना तुम
हे प्रीतप्रिये,हे सरल ह्रदय
ये जीवन तुम बिन व्यर्थ प्रिये
कर दो इसे सु- अर्थ प्रिये