“ मे, भीगी सड़के , तेज़ गति मे दोदता मेरा शहर , रंग बदलता आसमा कभी-कभी साथ देता चाँद ओर कानो मे घूलता संगीत” ये दिन का एसा टाइम होता है जहा भीड़ मे भी मे खुद से मिलती हु ओर मेरे खुद से मिलने का या मेरे खुदा से मिलने का समय! ओर यह समय मांग रहा था चेतन”
હાય, માતૃભારતી પર આ વાર્તા 'somewhat लव - 6' વાંચો
https://www.matrubharti.com/book/19875363/somewhat-love-6
my story somewhat लव got more then 6k downloads the next par published pored your love on this story too