दुर तक अकेला हुं,रास्ता जो तेरा है।
ले चल थका सा हुं,रास्ता जो तेरा है ।।
हे अनंत सी राहे,इसी लिए रुका।
थे कदम मेरे जो रास्ता तो तेरा है।।
राहबर तुं माना,दिशा भी दिखा दे।
सोंपकर तुजे 'मैं',रास्ता जो तेरा है।।
ये सफर आसाँ हो,ना चाहा ऐसा तो।
हो हमराही तु ही, रास्ता जो तेरा है।।
--देवांग दवे